चाईबासा सदर अस्पताल में भावुक कर देने वाला दृश्य: आत्मसमर्पण के बाद 5 माह की बेटी 'ईश्वरी' संग नई जिंदगी की शुरुआत कर रहा माओवादी दंपति

चाईबासा सदर अस्पताल में भावुक कर देने वाला दृश्य: आत्मसमर्पण के बाद 5 माह की बेटी 'ईश्वरी' संग नई जिंदगी की शुरुआत कर रहा माओवादी दंपति

A Heart-Touching Scene at Chaibasa Sadar Hospital

A Heart-Touching Scene at Chaibasa Sadar Hospital

चाईबासा। A Heart-Touching Scene at Chaibasa Sadar Hospital, सदर अस्पताल चाईबासा परिसर में गुरुवार को एक ऐसा दृश्य दिखा जिसने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों, चिकित्सकों और लोगों को कुछ पल के लिए भावुक कर दिया। मेडिकल जांच के लिए लाए गए 24 आत्मसमर्पित माओवादियों के बीच एक दंपति अपनी पांच माह की मासूम बेटी को गोद में खिलाते हुए मुस्कुरा रहा था। 

ये दंपति थे हार्डकोर माओवादी दर्शन उर्फ बिंज हांसदा और उनकी पत्नी वंदना उर्फ शांति। दोनों की गोद में पांच माह की बेटी ईश्वरी थी। चेहरे पर संतोष और आंखों में नई जिंदगी की उम्मीद साफ दिखाई दे रही थी। 

संगठन का हर आदेश मानना मजबूरी

दर्शन उर्फ बिंज हांसदा ने बताया कि संगठन से जुड़ने के बाद शुरुआती दिनों में सब कुछ अलग और आकर्षक लगा, लेकिन समय के साथ जंगल की जिंदगी बोझ बनती चली गई। इसी दौरान संगठन में उनकी मुलाकात वंदना उर्फ शांति से हुई और दोनों ने शादी कर ली। 

उन्होंने कहा कि जब परिवार की जिम्मेदारियों का एहसास हुआ तो लगा कि जंगल में अब कुछ नहीं बचा है। दिन-रात भटकना पड़ता था और संगठन का हर आदेश मानना मजबूरी थी। तब हमने तय किया कि अब हथियार छोड़कर नई जिंदगी शुरू करेंगे।

दर्शन ने बताया कि पुलिस के संपर्क में आने के बाद दोनों काफी दिनों तक टोंटो थाना क्षेत्र में रहे। इसी दौरान उनकी पत्नी गर्भवती हुई। दिसंबर महीने में प्रसव के लिए उन्हें सदर अस्पताल चाईबासा लाया गया, जहां बेटी का जन्म हुआ। 

अन्य साथियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील

उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से बेटी मिली, इसलिए उसका नाम ईश्वरी रखा। अब आत्मसमर्पण के बाद दोनों सामान्य जीवन जीना चाहते हैं। दर्शन उर्फ बिंज हांसदा ने जंगल में सक्रिय अन्य साथियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि “अब जंगल का पुराना सिद्धांत खत्म हो चुका है। वहां सिर्फ इस्तेमाल करने वाले लोग बचे हैं। पुलिस ने हमें जो सम्मान दिया, वह अभूतपूर्व है। अब परिवार के साथ देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं।”